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आंगनबाडिय़ों को आधुनिक बनाएगी सरकार  
August 11, 2019 • ajay dwivedi

नौनिहालों को प्री और फ्री एजुकेशन के लिए15 अगस्त से शुरू होगा हर ब्लाक स्तर पर यह अभियान, 

हर ब्लाक से एक आंगनबाड़ी चयनित  

भोपाल। प्रदेश के नौनिहालों को आंगनबाडिय़ों के माध्यम से प्री शिक्षा और संस्कार देने का काम कमलनाथ सरकार करेगी। इसके लिए प्रदेश के हर ब्लाक से एक आंगनबाड़ी का चयन किया गया है। इन आंगनबाडिय़ों को ही निजी स्कूलों की तर्ज पर सुसज्जित किया जाएगा। इसके लिए विधिवत महिला और बाल विकास विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए पाठ्यक्रम का भी निर्धारण किया गया है। हालंाकि  यह स्पष्ट नही हो पाया है कि इस प्रकार का प्रयोग देश के अन्य किसी राज्य में हुआ है या नहीं। बता दें कि प्रदेश की इसकी औपचारिक शुरूआत पंद्रह अगस्त से होने जा रही है। 
 सरकार का मानना है कि इस माध्यम से आंगनबाडिय़ों को आधुनिक और बेहतर बनाया जा सकेगा। इस माध्यम से निजी स्कूलों के पास जाने वाले 3 से 6 साल के नौनिहाल इसी आंगनबाड़ी केंद्र से मुफ्त में प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार पा सकेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसा किए जाने से समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा। खासतौर पर वो तबका लाभांवित होगा जो निजी स्कूलों में अपने नौनिहालों को नहीं भेज पाते। यह प्रारंभिक शिक्षा आसानी से दी जा सके इसके लिए विशेष रूप से खेल का भी आयोजन किया जाएगा। इन नौनिहालों को प्रशिक्षण देने के लिए आंगनबाड़ी से जुड़ी हुई कार्यकर्ताओं को कहा गया है और इन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस शिक्षा के लिए निजि शिक्षकों की सेवाएं भी ले सकती है सरकार।  

एप के माध्यम से होगी निगरानी
विभाग ने आंगनवाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता, शिक्षा, पोषण आदि की निगरानी के लिए एक संपर्क मोबाइल एप तैयार किया है। इस एप की सहायता से सीडीपीओ, डीपीओ, सुरपरवाइजर के अलावा विभाग के अन्य अधिकारी आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी करेंगे। इस एप से जुड़े रहने के लिए विभाग ने भारत सरकार के सहयोग से अभी तक 22 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल प्रदान किए हैं। ज्ञात हो कि प्रदेश में कुल 29 हजार आंगनबाडिय़ां संचालित होती हैं। 

ड्रेस और पुस्तकें मुफ्त में दी जाएंगी    
जानकारी के मुताबिक आंगनबाड़ी के माध्यम से दी जाने वाली प्री-स्कूल एजुकेशन के लिए नौनिहालों को मुफ्त में ड्रेस और पुस्तकें दी जाएगी। इन केंद्रो पर खिलौने और अन्य चीजे समाज की सहभागिता से भी ली जा सकेंगी। 
 इनका कहना है 
 प्रदेश के हर ब्लाक से एक आंगनबाड़ी केंद्र को इस योजना के लिए चुना गया है।  पहले चरण में 313 केंद्रो के माध्यम से इसे संचालित किया जाएगा जिसकी शुरूआत 15 अगस्त से हो रही है। इसके लिए पाठयक्रम भी निर्धारित किया गया है और केंद्र की सहयोगियों के माध्यम से इसे पूरा किया जाएगा और आने वाले समय में गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षित महिलाओं को भी इससे जोड़ा जाएगा। 
 अनुपम राजन, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास मप्र