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भगोरिया के रंग में सराबोर हुआ आदिवासी अंचल
March 7, 2020 • ajay dwivedi • मध्यप्रदेश

noman khan
झाबुआ। झाबुआ जिले में शुक्रवार को भगोर, बेकल्दा, मांडली तथा कालीदेवी में भगोरिया मेला भरा। शनिवार को जिले के मेघनगर, रानापुर, बामनिया, झकनावदा तथा बलेडी में मेला भरेगा। आलीराजपुर जिले के वालपुर, कट्ठीवाड़ा, सेजावाड़ा और उदयगढ़ में लगे भगोरिया मेले में आदिवासी संस्कृति देखने को मिली। कट्ठीवाड़ा में लगे मेले में मप्र शासन के संस्कृति विभाग के 150 कलाकारों के 10 दलों ने आदिवासी लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। बड़वानी जिले के मेणीमाता, बोकराटा, ठीकरी, मोयदा, तलवाड़ा, वरला व झोपाली में हाट लगे। खरगोन में सेगांव, टांडा बरुड़ और अहिरखेड़ा में हाट लगा।

झाबुआ जिले का सबसे बड़ा भगोरिया मेला रविवार को झाबुआ में आयोजित होगा। जिला मुख्यालय होने से झाबुआ के भगोरिये में सबसे अधिक संख्या में भीड़ उमड़ती है। चारों तरफ से ग्रामीण बड़ी तादाद में इस लोक पर्व को मनाने के लिए आते हैं। लगभग 500 गांव के ग्रामीण इस मेले के सहभागी बनते हैं। इतनी ज्यादा संख्या में भीड़ आने से व्यापारी भी अपना व्यावसायिक लाभ अर्जित करने के लिए इस बड़े दिन का इंतजार करते हैं। भगोरिया को देखते हुए पहले ही खाद्यान्न सामग्री तैयार कर ली गई है। उधर, मेले के दौरान 200 जवान सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे। पुलिस का कहना है कि मेले के दौरान यदि किसी ने गड़बड़ की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एक नजर में
- 08 मार्च को झाबुआ में भरेगा भगोरिया।
- 500 गांव के ग्रामीण होंगे शामिल।
- 03 हजार से अधिक दुकानें रहेगी।
- 05 करोड़ के लगभग होगा व्यवसाय।
- 200 पुलिस जवान करेंगे सुरक्षा।

ऐसे मनेगा भगोरिया
- उत्कृष्ट खेल मैदान पर झूले-चकरी रहेंगे।
- राजनीतिक दलों की गैर निकलेगी।
- बस स्टैंड पर पूरे समय चलेंगे सामूहिक नृत्य।
- बाजार, सज्जन मार्ग व मैदान पर लगेगी दुकानें।
- झाबुआ आने-जाने के सभी रास्ते रहेंगे व्यस्त।
यहां से आती है भीड़
इंदौर मार्ग पर कालीदेवी, माछलिया तक के क्षेत्र से लोग झाबुआ में भगोरिया मनाने आ जाते हैं। शनिवार को रानापुर व मेघनगर में भगोरिया मन जाता है, लेकिन इसके बावजूद रानापुर से भी आगे वन तक के और मेघनगर मार्ग के अंतरवेलिया तक के ग्रामीण आते हैं। पिटोल, कुंदनपुर, कल्याणपुरा व पारा क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण भी झाबुआ के भगोरिये को नहीं छोड़ते। इसका कारण यह है कि हर कोई जिला मुख्यालय का भगोरिया हाट देखना चाहता है। इसके अलावा अब भगोरिया मेले समापन की ओर है। सोमवार को ही यह पर्व थम जाएगा। इस कारण भी रविवार को झाबुआ के भगोरियो को लेकर बहुत अधिक उत्साह रहेगा।
5 करोड़ के व्यवसाय की उम्मीद
मैजिक, यात्री बसें, यात्री जीप व बाइक से ग्रामीण लगातार झाबुआ के भगोरिये में पहुंचेंगे। करीब 3 हजार दुकानें यहां के भगोरिये मेले में लगना है। मोटा अंदाज यह है कि 5 करोड़ तक का व्यवसाय झाबुआ के भगोरिये में हो सकता है। व्यापारियों ने देशी मिठाई माजम, लुग्दी, नमकीन व शीतल पेय आदि से अपनी दुकानें सजा ली है। अब इंतजार केवल रविवर के आने का किया जा रहा है। व्यापारी रिंकू रूनवाल ने बताया कि भगोरिये के लिए विशेष तौर पर वह हर साल माजम तैयार करता है। इस बार भी तैयारी कर ली है। माजम-गुजरी के भावों में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। पिछले कई वर्षों से माजम-गुजरी थोक में व्यापारियों को बेचने वाले प्रदीप चौरसिया ने बताया कि वे माजम अपनी होटल पर ही बनाते है। माजम थोक के भाव में व्यापारियों को 50 रुपये किलो के हिसाब से और गुजरी तैयार रेडिमेड बाहर से बुलवाकर 60 रुपये किलो के हिसाब से बेच रहे है। जिलेभर के व्यापारी भगोरिया हाटों के दौरान इनकी खरीदी करने के लिए आते है। बाद में 10 रुपये किलो अधिक भाव से भगोरिया हाटों में इसे ठेलगाड़ी लगाकर बेचा जाता है।
पुलिस के रहेंगे प्रबंध
झाबुआ थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह ने बताया कि 200 जवान चप्पे-चप्पे पर पहरा देंगे। नशे की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। मेले की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। यातायात आवागमन के लिए भी सुचारू व्यवस्था की जा रही है। सभी से यह अपील है कि वे पर्व शांति व भाई चारे से मनाएं। यदि किसी ने गड़बड़ी करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।