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कांग्रेस ने दीपक बाबरिया को हटाया, मुकुल वासनिक को बनया प्रदेश प्रभारी 
April 30, 2020 • ajay dwivedi • राजनीति

-सिंधिया का करीबी होने के कारण सोनिया ने मंजूर किया इस्तीफा
-मध्यप्रदेश कांग्रेस नेताओं का एक गुट उनका विरोध करता रहा 
-दीपक बाबरिया और कमलनाथ के बीच समन्वय की कमी नजर आ रही थी
-चुनाव के दौरान भी रीवा और विदिशा में दीपक के साथ बदसुलूकी हुई थी

भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव दीपक बावरिया का इस्तीफा स्वीकार कर मुकुल वासनिक को प्रदेश का नया प्रभारी बनाया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुकुल वासनिक को यह अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। मुकुल वासनिक केरल तथ तमिलनाडु और पुड्डुचेरी प्रदेश कांग्रेस के भी प्रभारी महासचिव हैं। कुछ दिन पहले बावरिया ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया था। गौरतलब है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में बावरिया को प्रदेश प्रभारी बनाकर मध्य प्रदेश भेजा गया था। बावरिया को राहुल गांधी का खास माना जाता है। मध्य प्रदेश का प्रभारी बनते ही वे सुर्खियों में आ गए थे। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान उनका कई जिलों में भारी विरोध हुआ था। प्रत्याशी चयन के दौरान बावरिया के साथ हुई कई असहज घटनाओं इसके वीडियो भी वायरल हुए थे।
रीवा में की गई थी मारपीट
मप्र के कई कांग्रेस नेताओं ने उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही रीवा में भी उनसे मारपीट भी की गई थी। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा तक देने की बात कही थी। लेकिन, सरकार बनते ही समीकरण बदल गए और बावरिया चुप हो गए। बावरिया के ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी काफी नजदीकी संबंध थे। कई बार उन्होंने सिंधिया के समर्थन मे बयान दिया था। वहीं सिंधिया के भाजपा का दामन थामने के बाद भी बावरिया की उनसे नजदीकियों की खबरें हाईकमान तक पहुंची थीं।
महाराष्ट्र के नेता हैं मुकुल 
मार्च में मध्यप्रदेश में राजनीतिक उठापटक के दौरान मुकुल वासनिक काफी एक्टिव रहे थे। जयपुर में विधायकों रखने से लेकर उनके भोपाल आने तक वह साथ रहे थे। यूपीए के सरकार में वह मंत्री भी रहे हैं। मुकुल महाराष्ट्र से आते हैं। राजनीतिक जीवन की शुरुआत एनएसयूआई से हुई थी। वासनिक महाराष्ट्र की बुलढाना लोकसभी सीट से 25 साल की उम्र में सांसद बन थे। मुकुल वासनिक ने बुलढाना संसदीय सीट से 1984, 1991 और 1998 में लोकसभा चुनाव जीता था। 2009 में उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट बुलढाना को छोड़ दिया और रामटेक से लोकसभा चुनाव जीता।
सिंधिया की जगह लेना चुनौती
कांग्रेस में अब तक पार्टी के तीन बड़े चेहरे थे-कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया। सिंधिया के पाला बदलकर बीजेपी में जाने के बाद खाली हुई जगह को भरने के लिए मुकुल वासनिक पर कांग्रेस पार्टी ने भरोसा जताया है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वासनिक प्रदेश में पार्टी का चेहरा बनेंगे। साथ ही ग्वालियर चंबल इलाके में सिंधिया के खाली हुए स्थान को भर पाएंगे। 
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच गृहमंत्री से मिलीं पथरिया विधायक 
रामबाई सिंह ने कहा- क्षेत्र का विकास ही मेरी पहली प्राथमिकता
भोपाल। लॉकडाउन के बाद मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की खबरों के बीच दमोह के पथरिया विधायक रामबाई सिंह यहां गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मिलने उनके निवासी पहुंचीं। मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावनाओं पर रामबाई ने कहा कि भाजपा की जो नीति है, उसके अनुसार उन्हें जो सही लगेगा वो करेंगे।  मुझे अपने क्षेत्र का विकास करना है, क्षेत्र की जनता का विकास अहम है। पहली प्राथमिकता यही है। आगे भाजपा की सोच है, उन्हें क्या करना है, क्या नहीं। उसमें हम कुछ नहीं बोल सकते हैं। जहां तक मंत्रीजी से मिलने की बात है तो हमारे क्षेत्र के मजदूर बाहरी प्रदेशों में फंसे हैं, उन्हें बुलाने के लिए मिले हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 21 अप्रैल को पांच मंत्रियों को शपथ दिलाने के बाद कहा था कि लॉकडाउन खुलने के बाद वह मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। लॉकडाउन 3 मई को खुल रहा है।