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कोरोना वायरस से बचने सतर्कता ही बचाव 
March 20, 2020 • ajay dwivedi • मध्यप्रदेश

ashish malviya
अशोकनगर, कोरोना वायरस का संक्रमण सांस एवं श्‍वसन तंत्र को प्रभावित करता है। कोराना वायरस एक नवीन संक्रामक है। जिसे नोबेल कोरोना वायरस नाम दिया गया है। बुर्जुग लोगों में कोविड 19 का गंभीर संक्रमण होने की दुगनी संभावना होती है। 18 वर्ष से कम आयु में केवल दो प्रतिशत प्रकरण ही प्रतिवेदित है। एक संक्रमित व्‍यक्ति में स्‍वस्‍थ्‍य व्‍यक्ति तक कोविड 19 संक्रमण आंख, नाक एवं मुंह के रास्‍ते से छीक, खांसी के द्वारा फैलता है। संक्रमित रोगी के निकट संपर्क से ही यह फैल सकता है।संक्रमित वस्‍त्र एवं सतहों से भी संक्रमण हो सकता है। कोविड 19 के लक्षण संपर्क दिनांक से 02-14 दिनों में उत्‍पन्‍न होते है। ऐसे में बुखार,जुखाम,सर्दी,गले में खराश होने पर घबराना नही चाहिए। दिन में दो-तीन बार भाप लेना चाहिए। पर्याप्‍त पानी पीना चाहिए एवं आराम करना चाहिए। बार-बार साबुन पानी से हाथ धोने से संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है। निकटतम स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर चिकित्‍सकीय सलाह लेना चाहिए। डॉक्‍टर के परामर्श अनुरूप दवाएं लेना चाहिए। कोरोना की जांच केवल संदिग्‍ध प्रकरण में चिकित्‍सकीय अनुशंसा के आधार पर की जाती है। कोरोना वायरस कागज,लकडी,पुस्‍ठा,स्‍पंच,कपडे आदि पर 08-10 घंटे तक जीवित रह सकता है और कांच,प्‍लॉस्टिक,मेटल तथा वारनिस वाली लकडियों पर कुछ अधिक समय तक जीवित रह सकता है।कोरोना वायरस की सुरक्षा की सामान्‍य सर्दी,खांसी के लक्षण होने पर साबुन पानी बार-बार हाथ धोना चाहिए। तीन परतयुक्‍त डिस्‍पोजेबल सर्जीकल मास्‍क वायरस से सुरक्षा के लिए पर्याप्‍त है। एन-95 अथवा 99 मास्‍क की आवश्‍यकता केवल संक्रमित रोगियों से संपर्क में आने वाले मेडिकल स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों एवं पेरामेडिकल कर्मियों द्वारा किया जाना उचित है।कोरोना वायरस से बचाव के तीन महत्‍वपूर्ण सूत्र खुद की सुरक्षा,प्रियजनों की सुरक्षा तथा सामुदाय की सुरक्षा है। खुद की सुरक्षा के लिए साबुन पानी से बार-बार एवं नियमित रूप से हाथ धोवें। एल्‍कोहल युक्‍त सेनीटाईजर का उपयोग करे,अपने आखं,नाक व मुंह को छूने से बचें।खांसते एवं छीकते व्‍यक्ति से न्‍यूनतम एक मीटर की दूरी बनाएं। हाथ से संपर्क के स्‍थान पर नमस्‍ते अथवा आदाब कर अभिवादन करें। प्रियजनों की सुरक्षा हेतु अपने हाथ पर खांसते अथवा छीकने से बचें,रूमाल अथवा टीसू का उपयोग करें। अनावश्‍यक भ्रमण न करें व भीड भाड़ से बचें। यदि बीमार है या किसी बीमार की देखभाल कर रहे हो तो मास्‍क का उपयोग करें। समुदाय की सुरक्षा के लिए यदि कोई बीमार है तो चिकित्‍सकीय उपचार का परामर्श दें।यदि किसी को बुखार अथवा सांस की कठिनाई हो तो घर के भीतर रहने की सलाह दें तथा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों से संपर्क की समझाईस दें व उनकी सलाह मानने को कहें।