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प्रदेश में कोरोना वायरस की अभी तक एक भी पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं
March 20, 2020 • ajay dwivedi • मध्यप्रदेश

हाईकोर्ट में सरकार ने पेश की एक्शन टेकन रिपोर्ट, कहा- लगातार रखी जा रही नजर, पूरे प्रदेश में सतर्कता
याचिकाओं पर सुनवाई आज फिर होगी
praveen namdev
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में कोरोना वायरस को लेकर दायर मामलों पर राज्य सरकार ने गुरुवार को स्टेटस रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार इस महामारी को लेकर काफी सतर्क है और राहत की बात यह है कि अब तक प्रदेश में एक भी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। चीफ  जस्टिस एके मित्तल और जस्टिस व्हीके शुक्ला की युगलपीठ ने मामलो पर आज शुक्रवार को आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट में ये याचिकाएं ग्वालियर के अधिवक्ता सुनील कुमार जैन, जबलपुर के अधिवक्ता अमित कुमार साहू, इन्दौर के अधिवक्ता सूरज उपाध्याय और इन्दौर के व्यवसायी मुकेश धनराज वाधवानी की ओर से दायर की गईं हैं। इन याचिकाओं में कोरोना वायरस को लेकर सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाने की प्रार्थना की गई है। गौरतलब है कि बीते 17 मार्च को प्रारंभिक सुनवाई के बाद युगलपीठ ने सरकार को अब तक किए गए इंतजामों का ब्यौरा पेश करने कहा था। उचित कीमत पर बाजार में मिलेंगे मास्क और सेनेटाईजर, राज्य सरकार की ओर से रीजनल डायरेक्टर हैल्थ डॉ. वायएस ठाकुर ने शपथ पत्र के साथ हाईकोर्ट में गुरुवार को जवाब पेश किया। जवाब में कहा गया है कि 17 मार्च तक 917 चिन्हित यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 473 यात्रियों को आईसोलेशन और 368 को सर्विलेंस में रखा गया। 38 अन्य मामलों में सेम्पल को पुणे, भोपाल और जबलपुर जांच के लिए भेजा गया था। उनमें से 29 यात्रियों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जबकि 9 की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। इसके अलावा प्रदेश के सभी एयरपोर्टस में भी लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। 17 मार्च तक 11674 यात्रियों की जांच की गई। अब तक प्रदेश में एक भी मरीज  की रिपोर्ट पॉजीटिव नहीं आई है।
अभी दो लैब, 3 और खोलने को मंजूरी- सरकार के जवाब में कहा गया है कि मप्र में अभी तक जबलपुर और भोपाल में ही दो लैब थीं, जहां पर कोरोना वायरस की जांच की जाती थी। इस महामारी की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 3 और लैब खोलने की अनुमति दे दी है। इसके अलावा यात्रियों के प्रत्येक मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। यदि कोई भी संदिग्ध मरीज पाया जाता है तो उसे क्वारन्टाईन या आईसोलेशन में रखा जा रहा है। इस वायरस से बचाव के लिए गंभीरता से कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सरकार के जवाब में यह भी कहा गया है कि लैबों में वायरस की जांच के लिए पर्याप्त संख्या में किट उपलब्ध कराईं गई हैं। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लगातार निगरानी भी की जा रही है। इस महामारी से निपटने के लिए कोई भी कसर छोड़ी नहीं जाएगी।